PMAY से साकार हो रहा पक्के घर का सपना: जशपुर के सुनील पांडेय की बदली जिंदगी, कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का प्रेरक सफर

रायपुर/जशपुर, 31 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) छत्तीसगढ़ के हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे गरीब और आवासविहीन परिवारों का अपने पक्के घर का वर्षों पुराना सपना सच हो रहा है। यह योजना प्रदेश के नागरिकों को केवल छत ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और एक बेहतर भविष्य का आधार दे रही है।
इसी बदलाव की एक प्रेरक कहानी जशपुर जिले के तपकरा से सामने आई है, जहाँ रहने वाले सुनील पांडेय का जीवन इस योजना के जरिए पूरी तरह बदल गया है।
कच्चे मकान की बेबसी और हर साल का डर
जशपुर के तपकरा निवासी सुनील पांडेय का परिवार लंबे समय से एक कच्चे मकान में रहने को विवश था। आर्थिक तंगी के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था। सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के दिनों में होती थी, जब टपकती छत, भीगता सामान और हर वक्त बना रहने वाला असुरक्षा का माहौल पूरे परिवार के लिए मुसीबत बन जाता था।
सीएम साय के नेतृत्व में मिली पक्के घर की सौगात
सुनील पांडेय की यह चिंता तब दूर हुई जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके नाम पर पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से मिली आर्थिक और तकनीकी सहायता के माध्यम से सुनील ने कदम-दर-कदम अपने सपनों का पक्का आशियाना खड़ा किया।
“पक्का घर मिलने के बाद हमारे परिवार की सबसे बड़ी चिंता हमेशा के लिए समाप्त हो गई है। अब बरसात का मौसम हमारे लिए डर नहीं, बल्कि सुकून लेकर आता है। इस योजना ने हमें केवल एक घर ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और नए विश्वास के साथ जीने का अवसर दिया है।” — सुनील पांडेय, लाभार्थी (तपकरा, जशपुर)
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को मिल रही गति
सुनील पांडेय और उनका परिवार आज एक सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। उन्होंने इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के लिए आशा और विश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है। पक्के आवास मिलने से गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा मिल रही है, जिससे ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर नई गति मिल रही है।
